कन्या राशि मासिक राशिफल

कन्या राशि मासिक राशिफल

कन्या मासिक राशिफल अक्टूबर 2018

माह अक्टूबर 2018 की गृह स्थितियों अनुसार मासिक फल निम्न प्रकार है:

कैरियर और व्यापारः अक्टूबर माह में कन्या राशि के जातक व जातिकाओं को व्यावसायिक जीवन को अधिक सुन्दर व प्रभावशाली बनाने में प्रगति रहेगी। यदि आप निजी व सरकारी क्षेत्रों की संस्थाओं में कार्यरत हैं, तो इस मास आपको नई पहचान प्राप्त होने के योग रहेंगे। वैसे इस माह प्रथम व तृतीय भाग अधिक अनुकूल रहेगे आपके प्रयासों का बढ़िय लाभ रहेगा। इस मास के द्वितीय व चतुर्थ भाग प्रतिकूल हो सकते हैं।

प्रेम एवं सम्बंधः  अक्टूबर माह में कन्या राशि के जातक व जातिकाओं को पारिवारिक लोगों के मध्य तालमेल को बढ़ाने में वांछित प्रगति प्राप्त होने के आसार रहेंगे। बात करें आपके प्रेम व प्रीति की तो इस मास के दूसरे व तीसरे भाग में आपको वांछित परिणाम रहेंगे। साथी के मध्य वैचारिक मतभदों को हल करने में प्रगति रहेगी। इस मास के प्रथम व चतुर्थ भाग संबंधित मामलों में चुनौती दे सकते हैं।

वित्तीय स्थितिः अक्टूबर माह में कन्या राशि के जातक एवं जातिकाओं को वित्तीय पहलुओं को उच्च करने में सफलता मिलेगी। इस मास आप वित्तीय उन्नति से उत्साहित होकर घर-गृहस्थी को संजाने संवारने हेतु उत्सुक रहेगे। यदि आप व्यवसाय से संबंध रखते हैं, तो इस मास के द्वितीय व तृतीय भाग मे आपको वांछित तरक्की देने वाले रहेंगे। किन्तु प्रथम व चतुर्थ भाग में चिंताएं हो सकती हैं।

शिक्षा एवं ज्ञानः अक्टूबर माह में कन्या राशि के जातक व जातिकाओ का विवेक उम्दा किस्म का रहेगा। चाहे वह लेखन, कला, साहित्य, प्रबंधन, वाणिज्य के संबंधित क्षेत्र हो या फिर तकनीक के क्षेत्र हो, संबंधित क्षेत्रों में कामयाबी का परचम फहराने की न केवल कल्पना करेंगे। बल्कि बहुत हद तक उसे साकार करके दिखा भी देगे।

स्वास्थ्यः अक्टूबर माह में कन्या राशि के जातक व जातिकाओं का स्वास्थ्य सुखद व सुन्दर रहेगा। शरीर सुडौल रहेगा। यदि पहले से कोई पीड़ाएं चली आ रही हैं, तो उनको समाप्त करने में महती प्रगति के योग रहेंगे। इस माह के द्वितीय व चतुर्थ भाग अधिक अनुकूल परिणाम देने वाले रहेगे। प्रथम व चतुर्थ भाग में सेहत को लेकर अधिक मुस्तैद होना पडे़गा। जिससे होने वाले जुकाम आदि से बचा जा सके।

उपयोगी उपायः कन्या राशि के जातकों को निम्नांकित उपाय करने चाहिए जो निश्चित ही फलदायक रहेगेः

  1. बच्चों को मीठी रेवड़ियों का प्रसाद बांटे और उपयोगी शैक्षिक सामाग्री दान दें।
  2. ऊॅं द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः मंत्र का जाप करें।
  3. जल में तिल मिलाकर स्नान करें।
  4. देवालय व उसके आसपास जुड़ने वाले सभी रास्तों को स्वच्छ रखें।