जानिये मिथुन राशि (Mithun Rashi) के बारे मे
मिथुन राशि का परिचय
मिथुन राशि राशिचक्र की तीसरी राशि है, जो भचक्र में 60-90 अंश पर स्थित होती है। यह मृगशिरा नक्षत्र के दो चरणों, आद्र्रा के सभी चरणों, और पुनर्वसु के तीन चरणों से मिलकर बनी है। यानी, सवा दो नक्षत्र चरणों के योग से यह कांतिवृत्त में दिखती है। यह कालपुरुष के हृदय का प्रतीक है और क्रांतिवृत्त में मैथुनी आकृति में दिखाई देती है, जिसे स्त्री-पुरुष के जोड़े का प्रतीक माना गया है, इसलिए इसका नाम मिथुन पड़ा। इसके स्वामी ग्रह बुध हैं और इसका रंग हरा होता है। यह वायु तत्व की राशि कहलाती है, जिससे हल्के आसमानी, अरुणोदय काल के हल्के भूरे और नीले रंगों से इसका संबंध होता है। यह सतोगुण से युक्त, द्विस्वभाव वाली शूद्र वर्ण की क्रूर राशि है, जो रात में बलवान मानी जाती है और इसमें राहु की स्थिति शुभ मानी जाती है। यह पश्चिम दिशा की स्वामिनी और पुरुष राशि मानी जाती है। इसके अलावा, यह वात प्रधान और विषम संज्ञक शीर्षोदयी राशि है।
मिथुन राशि के जातकों की शारीरिक संरचना
इस राशि के जातक सामान्यत: सुडौल शरीर के होते हैं। लग्न और लग्नाधिपति की शुभ-अशुभता तथा भावगत ग्रहों की स्थिति के अनुसार, इनका शरीर पुष्ट और बलिष्ठ बनता है। मिथुन राशि के जातक लंबे कद के होते हैं, गेहुआं रंग के, और नाक की बनावट कुछ बड़ी होती है। इनके सिर के बाल सुंदर होते हैं, लंबे और पतले हाथ, गहरी काली आंखें और ठोड़ी पर चिन्ह होते हैं। सेहत के मामले में, यह राशि तंत्रिका तंत्र, नसों, और वायु तत्व के कारण फेफड़ों से संबंधित होती है, और कंधों की नसों से संबंध रखती है। रक्त को नसों और फेफड़ों तक पहुंचाने में यह सक्षम होती है, और इसके जातक वाकपटुता में निपुण होते हैं।
मिथुन राशि एवं स्वभाव
मिथुन राशि के लोग दयालु और मीठा बोलने वाले होते हैं, जो अपनी वाणी से दूसरों को प्रभावित करते हैं। इनकी वाणी गंभीर और धीर होती है, जिससे ये होशियार व्यक्तियों में गिने जाते हैं। ये अपने कार्य के प्रति दृढ़ निश्चयी होते हैं और विद्वानों जैसी वाकपटुता रखते हैं। धन अर्जन के लिए ये नैतिक और अनैतिक दोनों तरीकों का सहारा लेते हैं। अपने कार्यों में तत्पर और वाद-विवाद में चतुर, ये अपनी बात मनवाने के लिए विभिन्न तर्क देते हैं। भोग-विलास में रुचि रखने वाले ये लोग परिवार में अनबन से अक्सर परेशान रहते हैं। खतरे के समय पहले स्वयं को सुरक्षित करने का प्रयास करते हैं और उचित सुरक्षा मिलने पर ही विरोधी को जवाब देते हैं। ये शीघ्र गुस्सा करने वाले और दूसरों को भांपने में माहिर होते हैं।
मिथुन राशि एवं स्वास्थ्य
मिथुन राशि के जातकों का स्वास्थ्य सामान्यत: अच्छा रहता है, परंतु राशि स्वामी या लग्न के पाप पीड़ित होने पर ये विभिन्न रोगों से ग्रसित हो सकते हैं। इनमें रक्तचाप, वायु रोग, कुष्ठ, चर्म रोग, खुजली, और शरीर पर दाने जैसे रोग हो सकते हैं। ग्रहों की स्थिति के अनुसार, इन्हें कई बार चिंता घेर लेती है, जिससे इनकी नींद प्रभावित होती है और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। इन्हें श्वसन तंत्र, गले, और कान से संबंधित रोगों का सामना करना पड़ सकता है।
मिथुन राशि का व्यवसाय एवं कैरियर
मिथुन राशि के जातक अपने कैरियर को संवारने में बहुत उत्साही होते हैं और व्यापार में सफल होने के लिए अपनी पूरी मेहनत झोंक देते हैं। ये लेखन, पठन-पाठन, प्रशासक, अध्यापक, पत्रकार, सट्टा और शेयर बाजार, लॉटरी, और जुआ आदि क्षेत्रों में भी रुचि रखते हैं। ये कंप्यूटर, विज्ञापन, शराब के व्यापार और क्रय-विक्रय में भी कुशल होते हैं। ग्रहों की स्थिति के अनुसार, ये संबंधित क्षेत्रों में नौकरी करते हैं और देश-विदेश में भ्रमण करते हैं। इनके पास बातों से दूसरों को प्रभावित करने की कला होती है। ये बैंक, तकनीकी कार्यों, और चिकित्सा में भी सफल रहते हैं।
मिथुन राशि प्रेम एवं संबंध
मिथुन राशि के जातक अपने साथी को आकर्षित करने वाले और ऊंचे-ऊंचे ख्वाब दिखाने में माहिर होते हैं। घर-परिवार में कई बार बातों के कारण तनाव की स्थिति बनी रहती है, जिससे ये परेशान रहते हैं। निजी संबंधों में ये साथी को रिझाने वाले और कभी-कभी जल्दी गुस्सा करने वाले होते हैं। ये अपने रिश्तेदारों से और ससुराल पक्ष से भी धन अर्जित करने में कुशल होते हैं और वहां के चहेते बनने का प्रयास करते हैं।
मिथुन राशि के सकारात्मक पहलू
इस राशि के जातक गुणवान, धनवान, बुद्धिमान और वाक्पटु होते हैं। ये अपने कार्यों के प्रति समर्पित रहते हैं और अपने व्यावसायिक संबंधों को बनाए रखते हैं। इनकी गणना करने की क्षमता तीव्र और सटीक होती है, जिससे ये बैंकिंग और व्यापार में सफल रहते हैं। ये अधिक धन कमाने के इच्छुक होते हैं, जिससे जोखिम भरे कार्यों में लगे रहते हैं। ये अपनी गलतियों पर पश्चाताप करते हैं और उन्हें सुधारने का प्रयास करते हैं। अच्छी स्मरण शक्ति और अधिकारी पद पर रहने का जुनून इनमें देखा जाता है।
मिथुन राशि के नकारात्मक पहलू
इस राशि के जातक कभी-कभी गलत संगत में पड़कर अपमानित होते हैं और नुकसान उठाते हैं। ये कई बार स्वार्थी होते हैं और बार-बार किसी भूल को सोचते रहते हैं, जिससे इन्हें भ्रम और असंतोष का सामना करना पड़ता है। इनके उग्र स्वभाव के कारण लोग इन्हें संदेह की दृष्टि से देखते हैं। अनावश्यक भ्रमण और मिथ्या बातें करना इनकी नकारात्मक प्रवृत्तियां होती हैं।
मिथुन राशि के लिए विशेष सुझाव
इस राशि के जातकों को अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सोच-समझकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है। ऐसे लोगों से दूर रहें, जो आपकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचा सकते हैं। अपने व्यापार में बचत करें और लेन-देन में सतर्क रहें। परिवार में अनावश्यक झगड़ों से बचें। बिना उद्देश्य की यात्राओं से परहेज करें। अपनी सेहत का ध्यान रखें और जरूरी उपचार लें। कीमती वस्त्रों और आभूषणों की कद्र करें, और किसी बात में हठ न करें, जो आपके लिए हानिप्रद हो सकती है।
ज्योतिषीय दृष्टिकोण
मिथुन राशि के लिए शुभ अंक 3, 5, 7, और 11 हैं। शुभ रंग हरा, हल्का नीला और हल्का भूरा हैं। शुभ दिन बुधवार है। मित्र राशियां कर्क, सिंह, कन्या, तुला, और कुम्भ हैं। शुभ वर्ष 33 और 46 हैं। शुभ रत्न पन्ना, शुभ धातु कांस्य, शुभ फूल हल्के आसमानी और भूरे रंग के, शुभ फल हरे और पीले, शुभ वस्त्र हरे और आसमानी रंग के हैं।