जानिये मकर राशि (Makar Rashi) के बारे मे
मकर राशि एक परिचय
यह राशिचक्र की दसवीं राशि है, जो भचक्र में 270-300 अंश के बीच स्थित है। यह राशि उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के अंतिम तीन चरण, श्रवण नक्षत्र के सम्पूर्ण चरण, और धनिष्ठा नक्षत्र के दो चरणों से मिलकर बनती है। यह सवा दो नक्षत्र चरणों के योग से क्रांतिवृत्त में स्थित होती है। मकर राशि का प्रतीक मकर (मगरमच्छ) है और इसका स्वरूप इसी आकृति के आधार पर रखा गया है। इस राशि के स्वामी ग्रह श्री शनि हैं। यह चर राशि है, वात प्रकृति वाली, पृथ्वी तत्व की तथा तमोगुण से युक्त होती है। यह दक्षिण दिशा की स्वामिनी और रात्रि में बलशाली है, तथा वैश्य जाति मानी जाती है। इसका रंग भूरा होता है, लेकिन हल्के पीले और भूरे रंगों से भी इसका संबंध है। मकर राशि सौम्य प्रकृति की मानी जाती है। इसमें श्री मंगल ग्रह उच्च के और श्री गुरु नीच के माने जाते हैं। यह पृष्ठोदय एवं स्त्री लिंगी राशि है।
मकर राशि की शारीरिक संरचना
इस राशि के जातक और जातिकाओं की शारीरिक आकृति आकर्षक और सुडौल होती है। ये पराक्रमी और बलशाली होते हैं। इनका शरीर मध्यम कद का होता है—ना अधिक मोटा और ना ही पतला। मुखमंडल बड़ा, दांतों की पंक्ति सजीव और सटीक होती है। नाक थोड़ी चौड़ी होती है और सिर पर काले घने बाल होते हैं। यदि लग्न में पाप ग्रहों का प्रभाव हो तो शारीरिक बनावट में कुछ विकृति भी आ सकती है। शरीर के निचले हिस्से में निशान, धब्बे या मस्से आदि होने की संभावना भी रहती है।
मकर राशि एवं स्वभाव
इस राशि के जातक धीर-गंभीर, अड़िग और उपकारी होते हैं, तथा संकट के समय धैर्य रखने वाले होते हैं। ये अपने विरोधियों से सतर्क रहते हैं, और भावनात्मक, राजनैतिक व घरेलू मामलों में परिपक्व विचार रखते हैं। न्यायप्रिय होते हैं, दयालु होते हैं और समाज सेवा में रुचि रखते हैं। ये ज्ञान, धर्म और सामाजिक पहलुओं के प्रति संवेदनशील होते हैं। तकनीकी कार्यों में निपुण होते हैं, पर कभी-कभी कपट, क्रोध और संदेहशीलता का भी प्रदर्शन करते हैं।
मकर राशि एवं स्वास्थ्य
इस राशि के जातकों की सेहत सामान्यत: अच्छी होती है, ये शारीरिक बल और मनोबल दोनों से युक्त होते हैं। शुरुआत में ये थोड़ा कमजोर दिख सकते हैं, लेकिन धीरे-धीरे स्वास्थ्य में सुधार होता है। ग्रहों के प्रतिकूल प्रभाव में, इन्हें श्वसन तंत्र, तंत्रिका तंत्र, गठिया, त्वचा विकार, हड्डियों में कमजोरी और चोट जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
मकर राशि व्यवसाय एवं कैरियर
इस राशि के जातक अपने काम के प्रति उत्सुक और मेहनती होते हैं। ये यांत्रिक कार्यों में कुशल, वस्त्र निर्माण, विक्रय, लेखन, संपादन, चिकित्सा और सलाहकार कार्यों में दक्ष होते हैं। ये सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए यात्राएं भी करते हैं। सरकारी सेवा, बैंकिंग, कृषि, विज्ञान और औषधि निर्माण में ये अपना योगदान देते हैं।
मकर राशि प्रेम एवं संबंध
इस राशि के जातक पारिवारिक और माता-पिता के प्रति संवेदनशील होते हैं, कुछ क्रोधी और जिद्दी भी होते हैं। ये जल्द ही विपरीत लिंग की ओर आकर्षित होते हैं और उदार बनने की कोशिश करते हैं। इनके जीवनसाथी सुशील और सुंदर होते हैं। हालांकि, प्रेम संबंधों में ये थोड़ा रूखा व्यवहार कर सकते हैं और क्रोधित भी हो सकते हैं। क्रूर ग्रहों का प्रभाव होने पर रिश्तों में दरार आ सकती है।
मकर राशि के सकारात्मक पहलू
इस राशि के जातक अपने कामों के प्रति सजग, बुद्धिमान और न्यायप्रिय होते हैं। ये सामाजिक और राजनैतिक जीवन के अच्छे साथी बनते हैं। अध्ययन, विज्ञान, कंप्यूटर, चिकित्सा और अनुसंधान में इनकी गहरी रुचि होती है। ये परिश्रमी, विवेकी और ईमानदार होते हैं और अपने लक्ष्य पर सटीक निशाना लगाने की कोशिश करते हैं।
मकर राशि के नकारात्मक पहलू
यह राशि अधिक पाने की लालसा में कभी-कभी लालची हो सकती है। यदि ये अपने लक्ष्य को पूरा न कर पाएं तो निराशा में डूब सकते हैं। कुछ असंयमी, स्वार्थी, और अविश्वासी भी हो सकते हैं। ये अपने प्रभाव को स्थापित करने में अधिक रुचि रखते हैं, जिससे कई बार ये क्रूर भी हो जाते हैं। ये कभी-कभी आलसी और जिद्दी भी हो सकते हैं।
मकर राशि विशेष सुझाव
इस राशि के जातकों को आलस्य और अनावश्यक बातों से बचना चाहिए। क्रोध और उत्तेजना से दूर रहें, तथा कामों में देरी और नुकसान के कारणों को समझने का प्रयास करें। किसी कार्य में संदेह होने पर किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह लें। घर में अच्छे वातावरण का निर्माण करने में सहयोग दें। अपने साहस का सही उपयोग करें, प्रतिशोध और हिंसा से बचें।
ज्योतिषीय दृष्टिकोण
इस राशि के लिए शुभ अंक 2, 6, 8, 10 हैं। शुभ रंग भूरे के अलावा हल्के पीले और भूरे भी माने जाते हैं। शुभ दिन शनिवार है, मित्र राशियां वृष, कन्या और तुला हैं। शुभ वर्ष 33 और 49 हैं। शुभ रत्न नीलम है, शुभ धातु लोहा है, शुभ फूल हल्के पीले और नीले हैं।