जानिये वृषभ राशि (Vrishabh Rashi) के बारे मे
वृष राशि एक परिचय
यह राशिचक्र की दूसरी राशि है। यह भचक्र में 30-60 अंश में स्थित रहती है। यह राशि कृतिका नक्षत्र के तीन चरणों, रोहिणी के सम्पूर्ण, और मृगशिरा नक्षत्र के दो चरणों से बनती है। सवा दो नक्षत्र चरणों के योग से यह राशि कांतिवृत्त में निर्मित होती है। यह काल पुरुष के भुजाओं, स्तन और मध्य भाग को व्यक्त करती है। क्रांतिवृत्त में वृषभ की आकृति में प्रतीत होने के कारण इसे वृष राशि कहा जाता है। इसके स्वामी ग्रह शुक्र हैं। वृष राशि का चंद्र उच्च का होता है और पाप ग्रह केतु नीच का होता है। इस राशि का रंग सफेद होता है। यह पृथ्वी तत्व वाली पुष्ट और बलिष्ठ राशि कहलाती है। पृथ्वी तत्व से संबंध के कारण इस राशि के लिए हल्के पीले और गुलाबी रंग उपयुक्त माने जाते हैं। यह तामसी गुण से युक्त, स्थिर राशि, वश्य वर्ण एवं रात्रि के समय में विशेष बल वाली है। यह दक्षिण दिशा की स्वामिनी और स्त्रीलिंगी मानी जाती है तथा वात प्रधान होती है। यह स्वभावतः सौम्य और सम संज्ञक पृष्ठोदयी राशि है।
वृष राशि की शारीरिक संरचना
इस राशि के अंतर्गत जन्म लेने वाले जातक और जातिकाओं की शारीरिक कद-काठी सुदृढ़ और बल युक्त होती है। मध्यम कद के इन जातकों का शरीर बलिष्ठ और मोटा होता है। मस्तक चौड़ा और गर्दन मोटी प्रतीत होती है। चेहरा सुंदर होता है, आंखें सुन्दर, कान बड़े और कंधे मजबूत होते हैं, और रंग गौर होता है। इनका बदन सुगठित रहता है, पर पाप ग्रहों के प्रभाव से शरीर कमजोर हो सकता है। इनके दांत कुछ बड़े और श्वेत होते हैं। सिर के बाल चिकने होते हैं, और जंघाएं बलिष्ठ होती हैं। शरीर पर मस्से आदि के चिह्न होते हैं। इस राशि में जन्मी जातिकाएं सुंदर और अच्छे व्यक्तित्व की होती हैं। यह अपने कार्य में दक्ष और निपुण होती हैं। घर-गृहस्थी संवारना इनकी फितरत में होता है, जिससे यह पुराने ढंग से हटके विषयों में रुचि रखती हैं।
वृष राशि एवं स्वभाव
इस राशि के जातकों को राजसी ठाट-बाट पसंद होते हैं। आत्मविश्वास से भरे ये जातक अपनी बातों पर दृढ़ रहते हैं और जल्दी अपनी बात से मुकरते नहीं। ये लोग विनम्र होते हैं और दूसरों से लगाव रखते हैं। अपने माता-पिता और गुरुजनों के प्रति सेवा भाव रखते हैं और परिश्रम से जी नहीं चुराते। संघर्षों में भी आशा बनाए रखते हैं। स्वाभिमानी होने के साथ ये अच्छे मित्र होते हैं। ये किसी भी कार्य को बिना विचारे नहीं करते और लंबी आयु पाते हैं। इनके शत्रु अधिक होते हैं। संगीत और कला के प्रेमी होते हैं, और सुगंधित तथा स्वादिष्ट भोजन इन्हें पसंद होता है।
वृष राशि एवं स्वास्थ्य
इस राशि के जातकों का स्वास्थ्य सामान्यतः अच्छा रहता है। परन्तु राशि स्वामी और लग्न के पाप पीड़ित होने पर विभिन्न बीमारियों का खतरा रहता है। यह वात प्रकृति वाली राशि है, जिससे इन जातकों को वायु विकार, सर्दी-जुकाम, दांतों में खून आना, मुंहासे और मनोरोगों का खतरा रहता है। उच्च रक्तचाप से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है और इसके परिणामस्वरूप कई विकार उत्पन्न हो सकते हैं।
वृष राशि व्यवसाय एवं करियर
इस राशि के जातक और जातिकाएं अपने करियर की दिशा में तेजी से बढ़ते हैं और सफलता पाने के लिए मेहनत करते हैं। लक्ष्य हासिल करने तक यह अपने करियर और व्यवसाय में योजनाएं बनाते रहते हैं। ये कुशल प्रशासक, बैंक कर्मचारी, सौंदर्य प्रसाधन, सुगंधित इत्र, तेल, पुष्प, सजावटी सामान, वस्त्राभूषणों के निर्माता और विक्रेता, संगीतज्ञ, फिल्मकार, चित्रकार, भवन निर्माता तथा सूचना विज्ञान से जुड़े होते हैं। धन पाने की प्रबल तमन्ना के कारण यह अपने कार्य में पूरी मेहनत करते हैं, चाहे धन नैतिक या अनैतिक रूप में मिले।
वृष राशि प्रेम एवं संबंध
इस राशि के जातकों के बारे में कहा जाता है कि शुक्र ग्रह के प्रभाव के कारण यह प्रेम और चाहत के उपासक होते हैं। माता-पिता, परिवार और गुरुजनों के प्रति इनके विचार सकारात्मक होते हैं, और यह उन्हें सम्मान देते हैं। ये अपने विपरीत लिंग की ओर शीघ्र आकर्षित होते हैं और उन्हें पाने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं। परंतु कभी-कभी अपनी जिद के कारण इन्हें असफलता का सामना भी करना पड़ता है।
वृष राशि के सकारात्मक पहलू
इस राशि के जातक स्पष्टवादी, दूसरों की बातों को ध्यान से सुनने वाले, और आजीविका के लिए कठिन परिश्रम करने वाले होते हैं। यह शान-शौकत, मित्रता और कला-संगीत प्रेमी होते हैं। इनके स्वभाव में ठंडक और स्थिरता होती है। यह साफ-सफाई पसंद करते हैं और भोग-विलास में रुचि रखते हैं। ये साहसी होते हैं और सरकारी तंत्र से लाभ प्राप्त करने की क्षमता रखते हैं। दूसरों के लिए अच्छे सलाहकार होते हैं और उचित मार्ग दिखाने वाले होते हैं।
वृष राशि के नकारात्मक पहलू
इस राशि के जातकों में हठधर्मिता और विलासिता के कारण सामाजिक और पारिवारिक जीवन में विवाद बढ़ता है, जिससे कई शत्रु बन जाते हैं। अधिक धन एकत्र करने की कोशिश में इन्हें जीवन में कड़ी मेहनत करनी पड़ती है, जिससे यह अविश्वासी और स्वार्थी हो सकते हैं। अनावश्यक यात्राओं और अनैतिक कार्यों की ओर इनका झुकाव हो सकता है, जिससे इनके काम में सुस्ती आ जाती है।
वृष राशि विशेष सुझाव
इस राशि के जातकों को अपने कार्यक्षेत्र में अनावश्यक बातों से बचना चाहिए। धन और ऐश्वर्य के साधन जुटाने में कठिनाई हो तो हिम्मत बनाए रखें, अन्यथा अनैतिक कार्यों के कारण नुकसान उठाना पड़ सकता है। ऐसे समय में धैर्य और विवेक का उपयोग आपके लिए लाभकारी रहेगा। यदि आप नेतृत्व करने वाले हैं या बड़े व्यवसायी हैं, तो कोई भी निर्णय दूरगामी सोच के आधार पर ही लें। अपने कार्यों को ध्यानपूर्वक और तेजी से करें।
ज्योतिषीय दृष्टिकोण
इस राशि के शुभ अंक 2, 4, 6 हैं। शुभ रंग: सफेद, हल्का गुलाबी, हल्का पीला। शुभ दिन: शुक्रवार। मित्र राशियां: मिथुन, कर्क, सिंह और कन्या। शुभ वर्ष: 25, 28, 36, 42। शुभ रत्न: हीरा। शुभ धातु: चांदी। शुभ फूल: सफेद और हल्के गुलाबी, पीले पुष्प। शुभ फल: हल्के पीले और सफेद। शुभ वस्त्र: सफेद, हल्के गुलाबी, पीले वस्त्र। शुभ दाल: सफेद और हल्की पीली। शुभ अनाज: चावल। तरल पदार्थ भी शुभ माने जाते हैं।