जानिये मेष राशि (Mesh Rashi) के बारे मे
मेष राशि एक परिचय
यह राशिचक्र की पहली राशि है, जो भचक्र में 0-30 अंश में स्थित रहती है। यह राशि अश्विनी और भरणी के सम्पूर्ण एवं कृतिका नक्षत्र के प्रथम चरण से निर्मित होती है। सवा दो नक्षत्र चरणों के योग से यह बनती है। कालपुरुष के सिर और मुख पर अपना स्वामित्व रखती है। क्रांतिवृत्त में मेढ़े की आकृति दिखने के कारण इसे मेष राशि कहा जाता है। इसके स्वामी ग्रह मंगल हैं। मेष राशि में सूर्य उच्च का होता है, जबकि शनि पाप ग्रह होकर नीच का होता है। इस राशि का रंग लाल होता है। यह अग्नि तत्व वाली एक प्रभावशाली राशि है, जिसका लाल रंग अग्नि तत्व से संबंध होने के कारण माना जाता है। यह राजसी गुण से युक्त, चर राशि, क्षत्रिय वर्ण की है और रात्रि में बलशाली होती है। यह पूर्व दिशा की स्वामिनी और पित्त प्रधान मानी जाती है। स्वभावतः यह क्रूर, विषम संज्ञक और पृष्ठोदयी राशि होती है।
मेष की शारीरिक संरचना
इस राशि के अंतर्गत जन्मे जातक और जातिकाओं की कद काठी मध्यम, पुष्ट और बलिष्ठ होती है, साथ ही जंघाएं मोटी होती हैं। शरीर पतला, सिर बड़ा और माथा प्रायः चौड़ा होता है। आंखें चमकीली, गोल और दांत सुंदर पंक्ति में सटे होते हैं। राशि स्वामी मंगल और अग्नि तत्व के प्रभाव से इनके चेहरे पर लालिमा रहती है। गौर वर्ण वाले और शुभ ग्रह प्रभाव से ये सुगठित शरीर वाले होते हैं। इनके सिर के बाल घुंघराले और देखने में सुंदर होते हैं। इस राशि की जातिकाएं लंबे और खूबसूरत बालों वाली होती हैं। आंखों में चंचलता का भाव स्पष्ट झलकता है।
मेष राशि एवं स्वभाव
इस राशि के जातक और जातिकाएं किसी भी विषय को जानने की बालसुलभ अधीरता रखते हैं। दूसरों के प्रति दयालु, विनम्र और परोपकारी होते हैं। ये लोग अपनी बातों से दूसरों को प्रसन्न रखते हैं और अपनी बात मनवाने के लिए स्वयं को सही मानते हैं। साहसी, वीर और पराक्रमी होते हैं, किसी से जल्दी भय नहीं खाते। इनमें गुस्सा और खुश होने का मिजाज जल्दी बदलता है, साथ ही ये अस्थिर बुद्धि के होते हैं, यानी लंबे समय तक किसी एक लक्ष्य पर नहीं टिकते। दुनिया घूमने में रुचि रखते हैं और अपनी गृहस्थी को अपने ही पुरुषार्थ के बल पर संवारने की कोशिश करते हैं। स्वाभिमानी, राजसी ठाठ-बाट पसंद करते हैं और संपन्न लोगों से संपर्क बनाने में रुचि रखते हैं।
मेष राशि एवं स्वास्थ्य
इस राशि के जातकों का स्वास्थ्य सामान्यतः ठीक रहता है। किन्तु राशि स्वामी और लग्न के पीड़ित होने पर विभिन्न प्रकार की बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। यह पित्त प्रकृति गुण वाली राशि है, जिससे रक्तचाप, पित्त विकार, रक्त की कमी, शारीरिक कमजोरी, कुष्ठ रोग जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। शस्त्र से हानि, बुखार, चेचक और संक्रमण जैसी समस्याओं से भी स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है।
मेष राशि व्यवसाय एवं कैरियर
इस राशि के जातक अपने कैरियर को सफल बनाने और व्यवसाय को बढ़ाने की जिज्ञासा रखते हैं। यह सैन्य, सुरक्षा और उससे जुड़े उत्पादों के विक्रेता और निर्माता के रूप में सफल होते हैं। दंत चिकित्सक, सर्जन, और अच्छे शासक भी होते हैं। विद्युत कार्यों, निर्माण, शोध, अध्ययन और अध्यापन में रुचि रखते हैं। तार्किक बुद्धि के कारण राजनीति, अपने कार्य में कुशलता और विदेशों में व्यापार कर लोकप्रिय बनने की कोशिश करते हैं। भूमि और धन मामलों में पैनी नजर रखते हैं और उसके लाभ-हानि का विश्लेषण जल्दी करते हैं। मनोरंजन, कला और इंजीनियरिंग के क्षेत्रों में भी ये कैरियर बनाते हैं। साथ ही गुप्तरोगों का इलाज और कृषि संबंधी कार्यों में भी लगे रहते हैं।
मेष राशि प्रेम एवं संबंध
इस राशि के जातक आपसी प्रेम और चाहत के गुण से भरपूर होते हैं। स्त्रियों के प्रति आकर्षण रखते हैं और जल्द ही अपने साथी को विश्वास में लेने का प्रयास करते हैं। अच्छे मित्र बनने की कोशिश करते हैं, किन्तु स्वार्थ और अहंकार की भावना से कभी-कभी इन्हें साथी से दूर होना पड़ता है।
मेष राशि के सकारात्मक पहलू
इस राशि के जातक धीर, गंभीर और अपने कार्यों में अग्रसर रहते हैं। इनमें सक्रियता, साहस और उत्कृष्टता कूट-कूट कर भरी होती है। दूसरों की भलाई करने वाले, ज्ञान और तकनीकी कुशलता अर्जित करने वाले स्वाभिमानी होते हैं। किसी विषय को जानने और कार्य में तत्परता दिखाने में तत्पर रहते हैं। राशिचक्र की पहली राशि होने के कारण इनमें नवजात शिशु की तरह अबोधता होती है। ये लोग स्वयं को पूर्णतावादी मानते हैं और कभी-कभी आवेश में आकर कठोर निर्णय ले लेते हैं। इनमें काम को जल्दी करने की प्रवृत्ति होती है। सैन्य, सुरक्षा और राजनीतिक नेतृत्व के गुणों से भरपूर होते हैं, और गंभीरता से अपने अंतर्ज्ञान को पुष्ट करते हैं।
मेष राशि के नकारात्मक पहलू
इस राशि के जातकों की अधीरता कई बार उन्हें किसी कार्य में स्थिर नहीं रहने देती, जिससे इन्हें लक्ष्य चयन में कठिनाई होती है। क्रूर स्वभाव के कारण भाई-बहनों से सहयोग नहीं मिल पाता और परिवार में सामंजस्य बनाने में भी कठिनाई होती है। अक्सर किसी भी कार्य को पूरी तरह ध्यान न देकर बीच में ही छोड़ देते हैं। गुस्से में आने पर लोगों से झगड़ने में भी पीछे नहीं रहते। इन्हें अपनी बुराई सहन नहीं होती, जिससे क्रोधी हो जाते हैं।
मेष राशि विशेष सुझाव
इस राशि के जातकों को अपने कार्यक्षेत्र चाहे वह सैन्य-सुरक्षा हो, शिक्षा हो, राजनीति हो, या चिकित्सा हो, उसमें सूझबूझ से चलना चाहिए। अपने लक्ष्य और सुखद जीवन के लिए अनावश्यक क्रोध, उत्तेजना, संशय और अपरिपक्वता से बचें। स्वार्थ, ईर्ष्या और अपमान की भावना से निर्णय न लें; अन्यथा हानि हो सकती है। विवेकपूर्ण रहें और वरिष्ठों की सलाह तथा धैर्य आपके लिए लाभकारी रहेगा।
ज्योतिषीय दृष्टिकोण
इस राशि के जातकों के शुभांक 1, 5, 9 हैं, जबकि 4 अंक मध्यम फल देने वाला है। शुभ रंग – लाल, पीला, सुर्ख लाल। शुभ दिन – मंगलवार। मित्र राशियाँ – सिंह, धनु और मकर।