वर्ष 2026 की सभी एकादशी व्रत तिथियाँ एवं विवरण
Published On : December 19, 2025 | Author : Astrologer Pt Umesh Chandra Pant 
एकादशी व्रत 2026 (Ekadashi Vrat 2026): महत्व और संपूर्ण व्रत तिथियाँ
एकादशी व्रत 2026 (Ekadashi Vrat 2026) हिंदू पंचांग की उन पवित्र तिथियों का वार्षिक क्रम है जो प्रत्येक चंद्र मास की ग्यारहवीं तिथि पर आती हैं और भगवान विष्णु के उपासकों के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती हैं। “एकादशी” शब्द संस्कृत के ‘एकादश’ (ग्यारह) से बना है, और यह तिथि हर महीने दो बार—शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष—में आती है। पूर्णिमा के बाद पड़ने वाली तिथि को कृष्ण पक्ष की एकादशी, जबकि अमावस्या के बाद आने वाली तिथि को शुक्ल पक्ष की एकादशी कहा जाता है। एकादशी 2026 के सभी व्रत आध्यात्मिक शुद्धि, मन-नियंत्रण और पापों से मुक्ति का प्रतीक माने जाते हैं।
हिंदू शास्त्रों में एकादशी को ‘हरि-वसर’ तथा ‘हरि-दिन’ कहा गया है। यह व्रत न केवल वैष्णव समुदाय, बल्कि हर उस साधक के लिए महत्वपूर्ण है जो मन, वाणी और इंद्रियों की शुद्धि चाहता है। मान्यता है कि एकादशी व्रत का पुण्य यज्ञ, हवन और वैदिक कर्मकांडों से भी अधिक फलदायी होता है। इस दिन उपवास रखने से मन की शुद्धि, इंद्रिय-नियंत्रण और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। श्रद्धालु दशमी से ही व्रत की तैयारी आरंभ करते हैं—सात्त्विक आहार, संयम, ब्रह्मचर्य और नियमों का पालन करते हुए। एकादशी की रात जागरण, भजन-कीर्तन, विष्णु नाम-स्मरण और विशेष पूजा करने की परंपरा है। द्वादशी के दिन पारण करके व्रत को शास्त्रोक्त रूप से पूर्ण किया जाता है।
एकादशी व्रत 2026 (Ekadashi Vrat 2026) का प्रत्येक व्रत अपना अलग आध्यात्मिक महत्व रखता है—कहीं यह पापमोचन का योग बनाता है, कहीं धन-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है, कहीं मोक्ष का द्वार खोलता है, तो कहीं मनोकामना-पूर्ति की संभावनाएँ बढ़ाता है। वर्ष 2026 की सभी एकादशियाँ साधना, भक्ति, संयम और आध्यात्मिक उन्नति के लिए एक श्रेष्ठ अवसर प्रदान करती हैं, जो साधक को आत्मिक प्रकाश, शांति और दिव्य अनुभूति की ओर अग्रसर करती हैं।
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एकादशी 2026 तिथि
| षष्ठीला एकादशी (माघ) | 14 जनवरी 2026, बुधवार |
| जया एकादशी (माघ) | 29 जनवरी 2026, गुरुवार |
| विजया एकादशी (फाल्गुन) | 13 फ़रवरी 2026, शुक्रवार |
| आमलकी एकादशी (फाल्गुन) | 27 फ़रवरी 2026, शुक्रवार |
| पापमोचनी एकादशी (चैत्र) | 15 मार्च 2026, रविवार |
| कामदा एकादशी (चैत्र) | 29 मार्च 2026, रविवार |
| वरूथिनी एकादशी (वैशाख) | 13 अप्रैल 2026, सोमवार |
| मोहिनी एकादशी (वैशाख) | 27 अप्रैल 2026, सोमवार |
| अपरा एकादशी (ज्येष्ठ) | 13 मई 2026, बुधवार |
| पुरुषोत्तम एकादशी (ज्येष्ठ) | 27 मई 2026, बुधवार |
| पुरुषोत्तम एकादशी (द्वितीय ज्येष्ठ) 2026 | 11 जून 2026, गुरुवार |
| निर्जला एकादशी (ज्येष्ठ) | 25 जून 2026, गुरुवार |
| योगिनी एकादशी (आषाढ़) | 11 जुलाई 2026, शनिवार |
| हरि-शयनी एकादशी (आषाढ़) | 25 जुलाई 2026, शनिवार |
| कामिका एकादशी (श्रावण) | 9 अगस्त 2026, रविवार |
| पवित्र एकादशी (श्रावण) | 27 अगस्त 2026, गुरुवार |
| अजा एकादशी (भाद्रपद) | 7 सितंबर 2026, सोमवार |
| पद्मा एकादशी (भाद्रपद) | 22 सितंबर 2026, मंगलवार |
| इन्दिरा एकादशी (आश्विन) | 6 अक्टूबर 2026, मंगलवार |
| पापांकुशा एकादशी (आश्विन) | 22 अक्टूबर 2026, गुरुवार |
| रमा एकादशी (कार्तिक) | 5 नवंबर 2026, गुरुवार |
| हरि-प्रबोधिनी एकादशी (कार्तिक) | 21 नवंबर 2026, शनिवार |
| उत्पन्ना एकादशी (मार्गशीर्ष) | 4 दिसंबर 2026, शुक्रवार |
| मोक्षदा एकादशी (मार्गशीर्ष) | 20 दिसंबर 2026, रविवार |
एकादशी 2026 कैलेंडर (Ekadashi Dates 2026)
1. षष्ठीला एकादशी 2026 (माघ)
तारीख: 14 जनवरी 2026, बुधवार
महत्व: स्वास्थ्य, संयम और तपस्या के लिए शुभ।
2. जया एकादशी 2026 (माघ)
तारीख: 29 जनवरी 2026, गुरुवार
महत्व: पापों से मुक्ति और सौभाग्य वृद्धि का विशेष दिन।
3. विजया एकादशी 2026 (फाल्गुन)
तारीख: 13 फ़रवरी 2026, शुक्रवार
महत्व: बाधा निवारण और कार्य-सफलता के लिए श्रेष्ठ।
4. आमलकी एकादशी 2026 (फाल्गुन)
तारीख: 27 फ़रवरी 2026, शुक्रवार
महत्व: धन, सौभाग्य और स्वास्थ्य लाभ की तिथि।
5. पापमोचनी एकादशी (Papmochani Ekadashi) 2026 (चैत्र)
तारीख: 15 मार्च 2026, रविवार
महत्व: नकारात्मकता, पापबाधा और मानसिक अशुद्धियों से मुक्ति।
6. कामदा एकादशी व्रत 2026 (Ekadashi Vrat 2026) (चैत्र)
तारीख: 29 मार्च 2026, रविवार
महत्व: मनोकामना सिद्धि और घर-परिवार में सौहार्द के लिए शुभ।
7. वरूथिनी एकादशी 2026 (वैशाख)
तारीख: 13 अप्रैल 2026, सोमवार
महत्व: सौभाग्य, सुरक्षा और आध्यात्मिक उन्नति का श्रेष्ठ दिन।
8. मोहिनी एकादशी 2026 (वैशाख)
तारीख: 27 अप्रैल 2026, सोमवार
महत्व: मानसिक संतुलन, करुणा और शांति बढ़ाने वाली तिथि।
9. अपरा एकादशी 2026 (ज्येष्ठ)
तारीख: 13 मई 2026, बुधवार
महत्व: पितृ कृपा, पुण्य वृद्धि और पापों से बचाव।
10. पुरुषोत्तम एकादशी व्रत 2026 (Ekadashi Vrat 2026) (ज्येष्ठ)
तारीख: 27 मई 2026, बुधवार
महत्व: विष्णु कृपा, धन-समृद्धि और संकल्प सिद्धि।
11. पुरुषोत्तम एकादशी (द्वितीय ज्येष्ठ) 2026
तारीख: 11 जून 2026, गुरुवार
महत्व: जीवन में स्थिरता और शुभता प्रदान करने वाली तिथि।
12. निर्जला एकादशी 2026 (ज्येष्ठ)
तारीख: 25 जून 2026, गुरुवार
महत्व: सबसे कठिन और सर्वाधिक पुण्यदायी व्रत—मोक्ष प्राप्ति हेतु शुभ।
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एकादशी 2026: योगिनी से मोक्षदा तक
13. योगिनी एकादशी 2026 (आषाढ़)
तारीख: 11 जुलाई 2026, शनिवार
महत्व: आरोग्य, ऋण मुक्ति और नकारात्मकता से सुरक्षा।
14. हरि-शयनी एकादशी 2026 (आषाढ़)
तारीख: 25 जुलाई 2026, शनिवार
महत्व: चातुर्मास की शुरुआत—विष्णु विश्रामकाल का शुभ दिन।
15. कामिका एकादशी 2026 (श्रावण)
तारीख: 9 अगस्त 2026, रविवार
महत्व: शिव-पूजन, पुण्य, धन और प्रसन्नता की प्राप्ति।
16. पवित्र एकादशी व्रत 2026 (Ekadashi Vrat 2026) (श्रावण)
तारीख: 27 अगस्त 2026, गुरुवार
महत्व: पवित्रता, सात्त्विकता और आध्यात्मिक जागरण का अवसर।
17. अजा एकादशी 2026 (भाद्रपद)
तारीख: 7 सितंबर 2026, सोमवार
महत्व: संकट निवारण और समृद्धि के योग।
18. पद्मा एकादशी 2026 (भाद्रपद)
तारीख: 22 सितंबर 2026, मंगलवार
महत्व: विष्णु भक्तों के लिए अत्यंत शुभ—लक्ष्मी कृपा का दिन।
19. इन्दिरा एकादशी 2026 (आश्विन)
तारीख: 6 अक्टूबर 2026, मंगलवार
महत्व: पितृ शांति और वंश रक्षा हेतु श्रेष्ठ तिथि।
20. पापांकुशा एकादशी 2026 (आश्विन)
तारीख: 22 अक्टूबर 2026, गुरुवार
महत्व: पापों का नाश और धन-धान्य वृद्धि के लिए शुभ।
21. रमा एकादशी 2026 (कार्तिक)
तारीख: 5 नवंबर 2026, गुरुवार
महत्व: माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्ति और सुख-समृद्धि हेतु शुभ।
22. हरि-प्रबोधिनी एकादशी व्रत 2026 (Ekadashi Vrat 2026) (कार्तिक)
तारीख: 21 नवंबर 2026, शनिवार
महत्व: विष्णु जागरण—विवाह, मंगला कार्यों की शुरुआत के लिए श्रेष्ठ।
23. उत्पन्ना एकादशी 2026 (मार्गशीर्ष)
तारीख: 4 दिसंबर 2026, शुक्रवार
महत्व: आध्यात्मिक जागरण, मनोधैर्य और साधना उन्नति के लिए श्रेष्ठ।
24. मोक्षदा एकादशी 2026 (मार्गशीर्ष)
तारीख: 20 दिसंबर 2026, रविवार
महत्व: मोक्षदायिनी तिथि—सांसारिक बंदनों से मुक्ति का विशेष दिन।
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एकादशी व्रत 2026 (Ekadashi Vrat 2026) – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न: एकादशी क्या होती है?
उत्तर: एकादशी चंद्र मास की ग्यारहवीं तिथि है, जो शुक्ल और कृष्ण पक्ष दोनों में आती है। यह विष्णु उपासना, उपवास, मन-शुद्धि और आध्यात्मिक साधना का सर्वोत्तम दिन माना जाता है।
प्रश्न: एकादशी व्रत क्यों रखा जाता है?
उत्तर: यह व्रत पापों को नष्ट करता है, पुण्य प्रदान करता है और भगवान विष्णु की विशेष कृपा दिलाता है। कई ग्रंथों में इसे मोक्ष और कल्याण का मार्ग बताया गया है।
प्रश्न: एकादशी व्रत में क्या खाना चाहिए?
उत्तर: फलों, सूखे मेवों, साबूदाना, दूध, आटा, सेंधा नमक आदि का सेवन उचित है। अनाज, दाल, मसूर, प्याज, लहसुन और तामसिक भोजन वर्जित है।
प्रश्न: क्या एकादशी पर अनाज खाना निषेध है?
उत्तर: हाँ। अनाज का त्याग मन की पवित्रता और व्रत की सिद्धि के लिए आवश्यक माना जाता है।
प्रश्न: द्वादशी पर पारण कैसे किया जाता है?
उत्तर: अगले दिन सुबह स्नान करके भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और सात्त्विक भोजन द्वारा व्रत का पारण किया जाता है।
प्रश्न: क्या सभी लोग एकादशी व्रत कर सकते हैं?
उत्तर: हाँ, यह व्रत उम्र और लिंग से परे सभी लोगों के लिए उपयुक्त है—लेकिन स्वास्थ्य की स्थिति अनुसार उपवास का निर्णय लें।