विविध लेख – व्रत, पर्व, त्यौहार, पूजा, अनुष्ठान आदि
श्री वल्लभाचार्य जयंती

श्री वल्लभाचार्य जयंती
यह भक्ति युगीन काल के आधार स्तम्भ एवं भगवान कृष्ण के परम भक्त थे। यह सगुण ईश्वर के उपासक एवं उसके प्रचारक थे। प्रति वर्ष इसकी जयन्ती को बड़े उत्सव से धूम-धाम के साथ मनाया जाता है। इनका जन्म संवत
Read More ..सती अनुसूया जयन्ती

सती अनुसूया जयन्ती
यह जयन्ती भारतभूमि में नारी धर्म और उसके सहचर की पवित्रता का एक सर्वोत्कृष्ट पर्व है। ऐसी पवित्रता एवं शुचिता कहीं भी खोजने से नहीं प्राप्त हो सकती है। हिमालय की तरह अड़िग रहने वाली भारत की नारियों में पति एवं
Read More ..श्री महावीर जयंती

श्री महावीर जयंती
इस धर्मप्राण धरा में भगवान विविध रूपों में मानव जीवन के कल्याण एवं आत्मबोध के लिये अवतार धारण करते है। जिससे काम, क्रोध एवं मद, मोह, लोभ की आंधी के थेपेड़ो से घायल व्यक्ति को बड़ी ही राहत मिलती है। और कई
Read More ..मत्स्य जयन्ती

मत्स्य जयन्ती
यह हिन्दू धर्म के प्रमुख अवतारों की जयन्ती का पर्व है। धरती पर बढ़ते अत्याचार के विनाश के लिये श्री हरि ने अनेकों को रूपों को धारण किया था। जिसमें में धरती के पालन और उसकी रक्षा तथा धर्म को सुरक्षित करने के लिये भगवान
Read More ..शीतला षष्ठी व्रत

शीतला षष्ठी व्रत
यह व्रत हमारे व्रतों की श्रृंखला में बढ़ा ही प्रभावशाली एवं पुण्यफल देने वाला है। जिसके प्रभाव से व्यक्ति की बड़ी-बड़ी बाधायें एवं बीमारियां भी ठीक हो जाती है। माँ शीतला की प्रसन्नता प्राप्त करने के लिये इस व्रत का अनुष्ठान किया जाता है।
Read More ..मास शिव रात्रि व्रत

मास शिव रात्रि व्रत
यह व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने तथा वांछित कामनाओं की पूर्ति हेतु किया जाता है। वर्ष भर में वैसे 12 शिवरात्रि किन्तु अधिक मास को लेकर 13 शिवरात्रि हो जाती है। जिसमें विशेष रूप से फाल्गुन मास की
Read More ..माघी पूर्णिमा

माघी पूर्णिमा
यह पर्व मानव जीवन के धार्मिक सोपानों का विशालतम पर्व है। जहाँ सहर्ष हिन्दू ही नहीं बल्कि विश्व के अनेक देशों से लोग अपने जीवन को धन्य बनाने के लिये खिचें चले आते हैं। इस जीवन पथ पर चलते हुये जो तरह
Read More ..मौनी अमावस्या

मौनी अमावस्या
यह हमारे धार्मिक कृत्यों एवं स्नान दानादि का विशेष पर्व है। ज्योतिष शास्त्र एवं हिन्दूरीति रिवाजों के अनुसार प्रत्येक तिथि का महत्व उसके साथ विशेष कथानक से जुड़ा हुआ होता है। उसके साथ जहाँ लोक मान्यतायें
Read More ..श्रीकाल भैरवाष्टमी व्रत

श्रीकाल भैरवाष्टमी व्रत
यह व्रत भगवान श्रीकाल भैरव की कृपा प्रसाद पाने के लिये किया जाता है। जिसके प्रभाव से व्रती साधक को बड़े से बड़े संकटों से छुटकारा प्राप्त होता है। तथा साथ ही उसके ज्ञात एवं अज्ञात पापों का शमन भी हो जाता है। हिन्दू धर्म के
Read More ..कार्तिक पूर्णिमा

कार्तिक पूर्णिमा
हिन्दू धर्म के व्रत पर्वों के सोपान में यह सबसे श्रेष्ठ एवं सुखद सोपान है। इस तिथि को ही देवताओं को चुनौती देने वाले राक्षस समूह का संहार हुआ था। इस पूर्णिमा के दिन से कार्तिम मास का स्नान एवं दानादि के क्रम
Read More ..देवोत्थान एकादशी

देवोत्थान एकादशी
यह पर्व श्री हरि विष्णू की भक्ति का सर्वोत्कृष्ट सोपान है। जो भक्ति पथ का बहुत ही प्रमुख अवसर होता है। इस अवसर के आते ही जहाँ भक्तों को श्री हरि विष्णू की भक्ति का एक बड़ा ही सुहाना अवसर प्राप्त होता है।
Read More ..श्री हरिबोधनी या देवोत्थान एकादशी

श्री हरिबोधनी या देवोत्थान एकादशी
यह पर्व श्री हरि विष्णू की भक्ति का सर्वोत्कृष्ट सोपान है। जो भक्ति पथ का बहुत ही प्रमुख अवसर होता है। इस अवसर के आते ही जहाँ भक्तों को श्री हरि विष्णू की भक्ति का एक बड़ा ही सुहाना अवसर प्राप्त होता है।
Read More ..अक्षय नवमी या आंवला नवमी

अक्षय नवमी या आंवला नवमी
यह व्रत हिन्दू धर्म का अति महत्वपूर्ण एवं उपयोगी व्रत है। जो कार्तिक माह के अति पवित्र महीने में आता है। कार्तिक शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को ही अक्षय नवमी और कहीं-कहीं आंवले के महत्व के कारण इसे आंवला नवमी
Read More ..सौभाग्य पंचमी व्रत

सौभाग्य पंचमी व्रत
यह व्रत भारतवर्ष की अति पुनीत धरती पर महिलाओं के द्वारा विशेष रूप से अपने सौभाग्य की रक्षा हेतु किया जाता है। ऐसी आकांक्षाओं एवं सद्भावनों के कारण ही जीवन के तमाम कष्टों से छुटकारा प्राप्त होता है। चाहे वह महिलाओं के सुख
Read More ..करवा चौथ व्रत

करवा चौथ व्रत
यह व्रत परम पावन हिन्दू धर्म में सौभाग्य एवं सुख शांति की प्राप्ति हेतु किया जाता है। इसे भारत के कुछ प्रान्तों जैसे पंजाब,राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश आदि राज्यों में विशेष रूप से किया जाता है। यह व्रत कार्तिक
Read More ..शरद पूर्णिमा

शरद पूर्णिमा
यह पर्व हिन्दू धर्म का बेहद विशिष्ट एवं अमृत्व को प्राप्त कराने वाला सोपान है। जिससे श्रद्धालु भक्तों को शारीरिक एवं मानसिक शान्ति प्राप्त होती है। वर्ष पर्यन्त व्रत पर्वों की बड़ी ही महत्त्वपूर्ण श्रृंखला हमारे मध्य कई प्रकार के दुःख पीड़ाओं
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